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परियोजना आउटसोर्सिंग: हमारा परियोजना आउटसोर्सिंग ढांचा समय की कसौटी पर खरा उतरा हैं क्योंकि वह हमारी नियोजन और नियंत्रण की शैली पर आधारित हैं| हम आउटसोर्सिंग परियोजनाओंका अभ्यास करने के बाद उसके क्रियान्वयन का आलेख बनाते हैं और उस पर आधारित रुपरेखा के आधार पर सात समुंदर पार के उपभोक्ताकी जरुरातोंको प्राथमिकता देते हुए उनके सपनोंकी वेब साईट बनानेका प्रयास करते हैं| इसमें हम वर्तमान समय में उपलब्ध नवीनतम जानकारी को इकट्टा करते है और उसका सही और सरल तरीकेसे दस्तावेजी स्वरुपमें रूपांतरण कर उसे विश्व मंच पर वेबसाइट के जरिये प्रस्तुत करते हैं| इस प्रक्रियां को हम तीन हिस्सोमें बांटते हैं|
१. नियोजन और नियंत्रण: प्राथमिक दौर में सबसे पहले परियोजना का आलेख और समयसारिणी ग्राहक के साथ तालमेल कर बनायीं जाती हैं| परियोजना संयोजक और दूसरे संयोजक अपनी निगरानी में परियोजना के क्रियान्वयन और सुचारू रूप से चल रही प्रगति पर नज़र रखते हैं| दोतरफा नियंत्रण और निगरानी यानिकि व्यवस्थापक और ग्राहक के द्वारा समय समय पर लिया गया कामकाज का लेख-जोखा परियोजना के क्रियान्वयन को समय पर पूरा करने में मदद करता है वहीँ कामकाज को सही दिशा में आगे बढ़ाता हैं|
२.समयोचित जानकारी का संकलन और संपादन: हमारे टेक्निशियन और डाटा प्रोसेसर्स ग्राहक से उनके व्यवसाय, उत्पाद तथा सेवाओकी आधुनिकतम और समय के साथ साथ अपडेट की हुई जानकारी इकट्टा करने में माहिर हैं| इस जानकारी को परिष्कृत कर उसे आकृति और आलेखोके द्वारा सरल बनाकर प्रस्तुत करने का काम हमारे तकनिकी जानकर बखूबी करते हैं| जमीनी तौर से हासिल जानकारी के साथ वे नए सुधारोंकोभी अपनी वेब साईट में प्रतिबिंबित करते हैं|
३.संवाद: परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए उपभोक्ता, क्रियान्वयन में संलग्न कर्मचारी, व्यवस्थापक और तकनिकी जानकारोंका आपसी सही तालमेल आवश्यक हैं| परियोजना पर काम करते वक्त ही उसमे नज़र आनेवाली खामियोंको दूर करने के नीति समय की बर्बादी को रोकती है और कार्य को सुचारू रूप से आगे बढानेमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है | इसी लिए समय रहते ग्राहक से संवाद आवश्यक हैं| ग्राहक के विश्वास को बनाये रखने के लिए, उसके सवालों और शंकाओंका समाधान करने के लिए, उनसे प्रतिक्रिया और सुझाव लेनेके लिए हम निम्नलिखित साधनोंका इस्तेमाल करते हैं| ये सभी साधन हमें ग्राहक से सीधे जोड़ते हैं|
३.१. दैनंदिन इ-मेल रिपोर्ट: वेब साईट विकास से जुड़े लोगोंसे परियोजना व्यवस्थापक का दैनंदिन संवाद और जानकारी का आदान प्रदान दैनंदिन इ-मेल रिपोर्ट के द्वारा होता हैं| इसे हम इ-सी आर एम (ग्राहक तालमेल प्रक्रिया) कहते हैं| इसमें इ-मेल द्वारा भेजी जानेवाली परियोजना प्रगति रिपोर्ट भी शामिल है|
३.२. ऑनलाइन भेटवार्ता और विचारविमर्श: ग्राहक की विनती पर समय समय पर संस्थाके उच्च अधिकारियोंसे मुलाकात और वार्ता का मौका प्रदान किया जाता है|
आइये! अपनी परियोजना 'क्रियेटिव वेब सोल्युसंस ' को सौप कर आप अपने आपको निश्चिंत कीजिये| हम आपकी अपेक्षा और व्यापार की आधारभूत नीतियोंपर खरा उतरनेका सफल प्रयास करेंगे|
परियोजना की परिपूर्ति के बाद हम आपके द्वारा दी गई सारी जानकारी को गोपनीय दस्तावेज की तरह संभालकर रखेंगे और ग्राहक की मांग पर उसे सौप देंगे| ग्राहक चाहे तो सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के तौर पर उसकी वेब साईट की प्रतिकृति (कॉपी) बनाकर उसे सुरक्षित रखा जायेगा| जब आपको हमारी काबिलियत और काम पर भरोसा है तो आपको दुनिया मुट्ठी में करने से कोई नहीं रोक सकता! आपका विश्वास और हमारी तकनीक मिलकर हम व्यापार की दुनिया में हलचल मचा सकते है|
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